जहाँ जीवन मुस्कुराता है

जहाँ जीवन मुस्कुराता है

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Author: Sunita Sheoran
Illustration for: नानी का शांत घर

एक छोटे से घर में नानी रहती थीं। उनका आँगन साफ-सुथरा था और शाम को रोज़ दीपक जलता था। नानी का जीवन सरल था—बिना किसी शिकायत के। फिर भी, कहीं न कहीं एक हल्की-सी ख़ामोशी थी। नानी मन ही मन बोलीं, “जीवन ने बहुत दिया है… बस हँसी की आवाज़ थोड़ी दूर चली गई है।”

Illustration for: कबीर का आगमन

एक दिन घर में नन्ही किलकारी गूँजी। कबीर आया। नानी ने उसे गोद में लिया तो उनकी आँखें भर आईं। “आज से मेरा जीवन फिर से मुस्कुराएगा,” नानी ने कहा। कबीर की बड़ी-बड़ी आँखें जैसे कह रही थीं— अब आप अकेली नहीं हैं।

Illustration for: वीर की शरारतें

कुछ साल बाद वीर आया—हँसी का छोटा-सा तूफ़ान। वह दौड़ता, उछलता और हर बात पर सवाल करता। “नानी, आप इतनी धीरे क्यों चलती हो?” नानी हँस पड़ीं, “ताकि हर पल को महसूस कर सकूँ।”

Illustration for: आँगन में खेल

आँगन अब खिलौनों और किलकारियों से भरा रहता था। कबीर और वीर नानी के इर्द-गिर्द घूमते। नानी को अब अपनी ख़ामोशी याद भी नहीं आती थी। उनके घर का कोना-कोना मुस्कुरा रहा था।

Illustration for: नानी की सीख: सच

शाम को नानी दोनों को अपने पास बिठातीं। नानी बोलीं, “बताओ कबीर, आज तुमने क्या सीखा?” कबीर बोला, “नानी, मैंने सीखा कि गलती हो जाए तो सच बोल देना चाहिए।” नानी ने मुस्कुराकर कहा, “बिल्कुल सही। सच बोलने वाला इंसान हमेशा निडर रहता है।”

Illustration for: दया की ताकत

फिर नानी ने वीर की ओर देखा, “और तुम, मेरे वीर?” वीर तुरंत बोला, “मैंने दोस्त को अपनी पेंसिल दी। मम्मा ने कहा, यह अच्छी बात है। ” नानी ने प्यार से वीर को गले लगा लिया, “हाँ, बेटा। बाँटना और दयालु होना सबसे बड़ी ताकत है।”

Illustration for: पुरानी यादें

एक दिन कबीर ने नानी को चुपचाप बैठे देखा। कबीर बोला, “नानी, आप क्या सोच रही हो?” नानी ने कहा, “बस पुराने दिन याद आ रहे हैं।” नानी थोड़ी उदास लग रही थीं, जैसे वह अपनी उम्र के बारे में सोच रही हों।

Illustration for: दिल से कोई बूढ़ा नहीं होता

वीर उछलते हुए बोला, “पुराने दिन छोड़ो नानी, आज हमारे साथ खेलो!” नानी हँसते हुए बोलीं, “अरे, मैं तो बूढ़ी हो गई हूँ।” कबीर ने प्यार से कहा, “नानी, दिल से कोई बूढ़ा नहीं होता।” वीर ने हाथ पकड़कर कहा, “चलो नानी, दौड़ लगाते हैं!”

Illustration for: आत्म-प्रेम की जीत

उस दिन नानी बच्चों के साथ दौड़ीं, हँसीं और खुलकर जिया। नानी ने कहा, “आज तुम दोनों ने मुझे खुद से प्यार करना सिखा दिया।” कबीर बोला, “नानी, जब आप खुश होती हो, तो हमारा दिल भी खुश हो जाता है।”

Illustration for: खुशियों का घर

अब नानी का घर हँसी से भर गया था। नानी ने दोनों का हाथ थाम लिया। “हम साथ हैं, यही सबसे बड़ी खुशी है।” कबीर और वीर एक साथ बोले, “हमेशा, नानी!” जहाँ प्यार होता है, वहीं जीवन मुस्कुराता है।

हिन्दी 2-5 Years Fairy Tales

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